Login
Lorem ipsum dolor sit amet, consectetur adipiscing elit. Morbi adipiscing gravdio, sit amet suscipit risus ultrices eu. Fusce viverra neque at purus laoreet consequa. Vivamus vulputate posuere nisl quis consequat.
Create an accountLost your password? Please enter your username and email address. You will receive a link to create a new password via email.
जैसे-जैसे गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥â€à¤¥à¤¾ का समय आगे बढता है, वैसे-वैसे इसके लकà¥à¤·à¤£ à¤à¥€ बढ़ने या बदलने लगते हैं। पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी के दूसरे सपà¥â€à¤¤à¤¾à¤¹ में गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिला को किस तरह के लकà¥à¤·à¤£ दिखते हैं।
अकà¥â€à¤¸à¤° पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी के दूसरे सपà¥â€à¤¤à¤¾à¤¹ में जब कंसेपà¥â€à¤¶à¤¨ शà¥à¤°à¥‚ होता है, बहà¥à¤¤ ही कम लकà¥à¤·à¤£ दिखाई देते हैं। हालांकि, सà¤à¥€ महिलाओं में à¤à¤¸à¤¾ नहीं होता है। हो सकता है कि कà¥à¤› महिलाà¤à¤‚ तीसरे सपà¥â€à¤¤à¤¾à¤¹ तक कंसीव न करें।
कà¥à¤› महिलाà¤à¤‚ दूसरे सपà¥â€à¤¤à¤¾à¤¹ के अंत तक पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंट नहीं होती हैं। हालांकि, दूसरा सपà¥â€à¤¤à¤¾à¤¹ कंसीव करने के लिठसबसे सही समय होता है। अधिकतर महिलाà¤à¤‚ मासिक चकà¥à¤° के पहले दिन से 11 से 21 दिनों के बीच में कंसीव कर सकती हैं। नीचे बताठगठतरीको से आप अपने ओवà¥à¤²à¥‡à¤¶à¤¨ का समय टà¥à¤°à¥ˆà¤• कर सकती हैं :
बेसल टेंपरेचर
बेसल टेंपरेचर मापने के लिठसà¥â€à¤ªà¥‡à¤¶à¤² थरà¥à¤®à¥‹à¤®à¥€à¤Ÿà¤° का इसà¥â€à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² किया जा सकता है। ओवà¥à¤²à¥‡à¤¶à¤¨ के समय पर महिलाओं का बेसल बॉडी टेंपरेचर बढ़ जाता है। इसलिठअगर टेंपरेचर जà¥â€à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ आता है तो इसका मतलब हो सकता है कि आप पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंट हैं।
मासिक चकà¥à¤°
आमतौर पर मासिक चकà¥à¤° 28 से 32 दिनों का होता है लेकिन हर महिला में इसमें à¤à¤¿à¤¨à¥â€à¤¨à¤¤à¤¾ आ सकती है। अगर आप पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंट होने की सोच रही हैं तो कà¥à¤› महीनों तक अपनी माहवारी की डेट को टà¥à¤°à¥ˆà¤• करें।
अपने ओवà¥à¤²à¥‡à¤¶à¤¨ का समय जानकर आप पता कर सकती हैं कि पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंट होने के लिठसबसे सही समय कà¥â€à¤¯à¤¾ है।
ओवà¥à¤²à¥‡à¤¶à¤¨ टेसà¥â€à¤Ÿ
आप यूरिन में विशेष हारà¥à¤®à¥‹à¤¨ की मौजूदगी चैक कर घर पर ही ओवà¥à¤²à¥‡à¤¶à¤¨ टेसà¥â€à¤Ÿ कर सकती हैं। ये टेसà¥â€à¤Ÿ ओवà¥à¤²à¥‡à¤¶à¤¨ की डेट के बारे में बताने में मदद करते हैं जिससे आप आसानी से कंसीव कर सकती हैं।
वजाइनल डिसà¥â€à¤šà¤¾à¤°à¥à¤œ
वजाइनल डिसà¥â€à¤šà¤¾à¤°à¥à¤œ में बदलाव से आपको पता चल सकता है कि ओवà¥à¤²à¥‡à¤¶à¤¨ कब होता है। ओवà¥à¤²à¥‡à¤¶à¤¨ के दौरान वजाइनल डिसà¥â€à¤šà¤¾à¤°à¥à¤œ चिपचिपा और साफ आता है। ओवà¥à¤²à¥‡à¤¶à¤¨ के बाद डिसà¥â€à¤šà¤¾à¤°à¥à¤œ à¤à¤¾à¤—दार हो जाता है। कà¥à¤› महिलाओं को ओवà¥à¤²à¥‡à¤¶à¤¨ के दौरान और इससे पहले यौन इचà¥â€à¤›à¤¾ महसूस होती है। आपको हलà¥â€à¤•ी सà¥â€à¤ªà¥‰à¤Ÿà¤¿à¤‚ग, बà¥à¤°à¥‡à¤¸à¥â€à¤Ÿ छूने पर दरà¥à¤¦, गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ गà¥à¤°à¥€à¤µà¤¾ में बदलाव और सूंघने की कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ बेहतर महसूस हो सकती है।
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥â€à¤¥à¤¾ के दूसरे सपà¥â€à¤¤à¤¾à¤¹ में महिला के शरीर में बदलाव तो होते हैं पर यह बाहरी नहीं बलà¥à¤•ि अंदरूनी होते हैं। दूसरे हफà¥à¤¤à¥‡ के दौरान तो पता ही नहीं चल पाता कि महिला गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ है या नहीं। ये हैं कà¥à¤› लकà¥à¤·à¤£ जिनसे जाना जा सकता है कि आप पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥â€à¤¨à¥‡à¤‚ट हैं कि नहीं:
दूसरे सपà¥â€à¤¤à¤¾à¤¹ में महिला के पेट में à¤à¥à¤°à¥‚ण जीवन की शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤ हो जाती है।
गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ के पेट और हाथ-पैरों में à¤à¤‚ठन शà¥à¤°à¥‚ हो जाती है।
हर समय थकान महसूस होने लगता है।
बचà¥â€à¤šà¥‡à¤¦à¤¾à¤¨à¥€ का आकार बढ़ने से मूतà¥à¤° थैली पर दबाव बढ़ता है। इससे बार-बार पेशाब जाने की इचà¥â€à¤›à¤¾ पैदा होती है।
हाथ-पैरों में सूजन और बà¥à¤–ार बने रहना à¤à¥€ गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ होने के लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ में पà¥à¤°à¤®à¥à¤– है।
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥â€à¤¥à¤¾ के दूसरे सपà¥â€à¤¤à¤¾à¤¹ के लकà¥à¤·à¤£
शरीर में बदलाव: अà¤à¥€ गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤à¥€ दिन हैं, आपको अपने बà¥à¤°à¥‡à¤¸à¥à¤Ÿ में à¤à¤¾à¤°à¥€à¤ªà¤¨ और दरà¥à¤¦ महसूस होगा। पाचन कमजोर होगा जिसकी वजह से गैस बनेगी। आपके शरीर का तापमान कà¥à¤› जà¥â€à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ हो जाà¤à¤—ा। चीजों को सूंघने की कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ बढ़ जाà¤à¤—ी।
बचà¥â€à¤šà¥‡ का विकास:पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥â€à¤¨à¥‡à¤‚सी के पहले हफà¥à¤¤à¥‡ में निषेचित अंडे में विà¤à¤¾à¤œà¤¨ हेाता। कोशिकाओं के इस गोले को विजà¥à¤žà¤¾à¤¨ की à¤à¤¾à¤·à¤¾ में बà¥â€à¤²à¤¾à¤¸à¥â€à¤Ÿà¥‹à¤¸à¤¾à¤‡à¤Ÿ कहते हैं। अà¤à¥€ à¤à¥€ आपका बचà¥â€à¤šà¤¾ महजा कोशिकाओं की à¤à¤• गेंद ही है।
अलà¥â€à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤¸à¤¾à¤‰à¤‚ड रिपोरà¥à¤Ÿ: पहले शà¥à¤°à¥‚आती हफà¥à¤¤à¥‹à¤‚ में बचे की कोई à¤à¥€ अलà¥â€à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤¸à¤¾à¤‰à¤‚ड इमेज नहीं आती।
डायट: आपको कबà¥â€à¤œ से बचने के लिठपरà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥â€à¤¤ मातà¥à¤°à¤¾ में पानी पीना चाहिà¤, हरी सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¤¾à¤‚, फल, साबà¥à¤¤ अनाज और दालों को अपनी डायट में शामिल करें ताकि परà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥â€à¤¤ पोषण मिल सके। विटामिन सी वाले फल जरूर खाà¤à¤‚ à¤à¤¸à¤¾ करने से मॉरà¥à¤¨à¤¿à¤‚ग सिकनेस में फायदा होगा।
टिपà¥â€à¤¸: सà¥â€à¤µà¤¸à¥â€à¤¥ जीवनशैली अपनाà¤à¤‚, नशे वगैरह से दूर रहें। डॉकà¥â€à¤Ÿà¤° ने जो फोलिक à¤à¤¸à¤¿à¤¡ सपà¥â€à¤²à¥€à¤®à¥‡à¤‚ट दिया है उसे नियमित रूप से लेती रहें। तनाव से दूर रहें। हलà¥â€à¤•ी-फà¥à¤²à¥â€à¤•ी कसरत करें लेकिन जà¥â€à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ उछल-कूद से बचें। अà¤à¥€ कहीं यातà¥à¤°à¤¾ न करें।
| --------------------------- | --------------------------- |